धमतरी डेस्क / शहर के आगामी 30 वर्षों की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में शासन द्वारा लगभग 34 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से आधुनिक वॉटर फ़िल्टर ट्रीटमेंट प्लांट की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इस महत्वपूर्ण परियोजना का कार्य आदेश 15 नवंबर 2019 को मेसर्स रायपुर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को जारी किया गया था। निर्धारित शर्तों के अनुसार ठेकेदार को 31 दिसम्बर 2023 तक प्लांट का निर्माण पूर्ण कर नगर निगम को हैंडओवर करना था। लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी कार्य में अपेक्षित प्रगति न होने और लगातार देरी जारी रहने पर नगर निगम ने अब सख्त रुख अपनाया है। निगम प्रशासन ने प्रोजेक्ट में हो रही लापरवाही और समयसीमा का पालन न करने को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। जल सभापति अखिलेश सोनकर बताया कि शहर में स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस महत्त्वपूर्ण परियोजना में हो रही देरी से न केवल शहरवासियों को भविष्य में परेशानी हो सकती है, बल्कि शासन द्वारा स्वीकृत बड़ी राशि भी प्रभावित होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुबंध शर्तों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह भी बताया की निगम ने ठेकेदार को नोटिस के माध्यम से निर्देशित किया है कि वह शीघ्र समयसीमा प्रस्तुत करे तथा कार्य में संतोषजनक प्रगति दिखाए। अन्यथा नियमों के अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होने यह भी बताया की पूर्व में 2 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था।अब नोटिस के बाद लापरवाही पूर्वक कार्य करने पर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने कलेक्टर को पत्र लिखा जायेगा।