गोल्डी खान/धमतरी धमतरी जिला बांधो से घिरा हुआ है जहां भरपूर पानी कभी बांधो में हुआ करता था मगर यहां बीते वर्ष ऐसा भी वक्त आया था कि यहां पानी की बर्बादी रोकने के लिए जल जगार कार्यक्रम भी हुआ था यह कार्यक्रम लोगो को सबक देने के लिहाज से यहां आयोजित किया गया था जिसमें बाहर विदेशों से विशेषज्ञ भी बुलाए गए थे जो पानी बचाने का ज्ञान देने के साथ साथ पानी को लेकर बहुत सी संभावनाएं बताकर यहां से लौटे थे मगर शायद उन्हें यह पता नहीं था यहां उनके ज्ञान का कोई असर नहीं होगा वो केवल दो दिन का कार्यक्रम था जिसे वह संपन्न कराकर लौट गए दरअसल आपको बता दें कि यह याद यहां इसलिए ताजा हो रही कि इसी जिले में न जाने कितना सारा पानी फिजूल ही बह गया मगर फिर भी इस मसले को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया दरअसल यहां बात की जा रही है मगरलोड के राजा डेरा तटबंध की जहां दरार के बाद तटबंध टूटा है और न जाने कितने घंटों से वहां पानी फिजूल ही बह रहा है जैसा कि क्षेत्र के लोगो ने बताया है उनका कहना है कि पानी खेतों में भी घुस गया है इसके बाद भी उसकी रोकथाम को लेकर कोई खास प्रबंध नहीं किया गया जबकि बांधो और तटबंधों की बराबर देखरेख और निगरानी होती है बड़े पैमाने में फंड भी आता है इसके बाद भी इसे क्यों नजर अंदाज किया गया जो तटबंध ऐसा परिणाम लेकर सामने आया है इस घटना के बाद अब क्षेत्र के किसान भी नाराज है जिनकी नाराजगी कभी भी सामने आ सकती है ऐसा भी क्षेत्रवासी बता रहे है बहरहाल पानी बचाने इसी जिले में बड़ा संकल्प लिया था मगर यहां ही बड़े पैमाने में पानी की बर्बादी होना दुखद है फिर बड़े बुजुर्ग यह भी कहते है कि ज्यादा पानी नहीं बहाना उचित नहीं जिसकी वजह से बाद में दिक्कत उठानी पड़ सकती है बहरहाल इस मामले में अब तक जिस भी जिम्मेदार अफसर से बात हुई उन्होंने या तो फोन नहीं उठाया या फिर दिखवाता हूं बोलकर फोन काट दिया