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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का समापन.....यातायत द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित.....उत्कृष्ट कार्य करने वाले हुए सम्मानित......

धमतरी डेस्क/ धमतरी में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा में संपन्न हुआ समापन में दिव्यांग बच्चों ने सड़क सुरक्षा पर गीत सुनाया कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया एसपी ने चार गुना कार्यवाही बढ़ाने की बात कही। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में प्रत्येक स्कूल सहित अन्य जगहों पर यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया।
दरअसल धमतरी जिले में आयोजित राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 का शनिवार गांधी मैदान धमतरी में समापन एवं सम्मान समारोह के साथ समापन किया गया।यह आयोजन सड़क सुरक्षा  जीवन रक्षा की भावना के साथ किया गया। जिसका उद्देश्य आम नागरिकों में सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना रहा। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत यातायात पुलिस द्वारा जिलेभर हेलमेट जागरूकता रैली, वाहन चालकों हेतु नेत्र परीक्षण एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, लर्निंग लाइसेंस शिविर,हेलमेट लगाने वाले दोहिया वाहन चालकों का सम्मान, सारथी सम्मान, यातायात नियमों की जानकारी, स्कूल, कॉलेज एवं सामाजिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में पहुंचे महापौर रामू रोहरा ने कहा कि नागरिकों को जागरूक करने हेतु सड़क सुरक्षा कार्यक्रम को एक सप्ताह से बढ़ाकर एक माह किया गया। उन्होंने शराब पीकर वाहन न चलाने एवं नियमों के पालन की अपील की।

पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने बताया कि विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं में 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिसे आगामी समय में 12 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने नाबालिगों को वाहन न चलाने देने एवं हेलमेट–सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग की अपील की।
कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग कर हम अपनी जान बचा सकते हैं। सड़क दुर्घटनाओं में अनेक परिवार उजड़ जाते हैं, जिसका गहरा प्रभाव पूरे परिवार की मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष लगभग 200 से अधिक लोगों की मृत्यु सड़क दुर्घटनाओं में होती है, जबकि इससे कहीं अधिक लोग घायल होते हैं।

डीएफओ कृष्ण जाधव ने अपने परिवार से जुड़े एक दुर्घटना अनुभव को साझा करते हुए बताया कि सीट बेल्ट नहीं लगाने से जान चली जाती है, इसलिए हेलमेट एवं सीट बेल्ट को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।
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