छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े दूसरा गंगरेल बांध की क्षमता 32 टीएमसी है,वही अच्छी बारिश के कारण से बांध में वर्तमान में करीब 88 प्रतिशत जल भराव हो गया,जिसमे लगभग 29 टीएमसी पानी भर चुका है,और अब पानी की आवक देख गंगरेल बांध के 5 गेट खोल दिये गए है।
आपको बता दे कि छत्तीसगढ़ के सबसे पहला त्यौहार बड़े धूमधाम धाम से मनाया गया, परंपरा गत लोगो मे अपने अपने घरों में पूजा अर्चना किया गया,और कृषि कार्य अच्छे से होने कामना भी की गई। इसके बाद मौसम गुलजार के बीच हरेली त्यौहार को खास बनाने के लिए लोग गंगरेल डैम का सैर करने पहुंचे, सैलानियों ने गंगरेल बांध के मंदिर की तरफ लोग पानी देख खुश हो गए,कि इस मौसम में गंगरेल डैम में लबालब पानी,ठंड जैसे धुंध की तरह वो वादियों को देखने छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े दूसरे बांध पहुँचे। जब लोग गंगरेल डैम के गेट को ओर पहुंचे तो खूबसूरत नजारा देख लोगो के चहरे में खुशी देखी जा रही थी।कई लोगो आने कैमरे से बांध से छोड़े गए पानी की फ़ोटो कैमरे में कैद भी किया।
इधर बताया जा रहा है की गंगरेल बांध का 5 गेट खोला गया,जिससे लगभग 10 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा,वही रुद्री बैराज से महानदी में पानी को छोड़ा जा रहा है,यहभी बताया जा रहा है कि महानदी के तटीय गांवों में मुनादी के माध्यम से लोगो को सतर्क रहने के लिए कहा गया है,बता दे कि गंगरेल बांध में करीब 6 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है,पिछले 15 से 16 दिनों में ही बंद में 23 टीएमसी पानी का भराव हो चुका है।