धमतरी डेस्क -रक्तदान को महादान इसलिए कहा गया है क्योंकि इसकी तुलना करोड़ों के रुपए पैसे के दान से महान माना गया है। रक्तदाता तल्लीनपुरी गोस्वामी ने तय किया था कि आने वाले अपने जन्मदिन पर वे अपना 60वें बार का रक्तदान करेंगे, लेकिन इस महादान के लिए ईश्वर ने आज का दिन मुकर्रर किया था, तभी तो छुही सलोनी के 15 वर्षीय बालक खुशील सिन्हा जो थैलेसीमिया नामक असाध्य व्याधि से ग्रसित है उनकी रक्तदान के लिए निवेदन अधारी नवागांव वार्ड के एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आया, तल्लीनपुरी गोस्वामी ने बिना समय गंवाए पीड़ित किशोर के परिवार से संपर्क किया और पहुंच गए जिला अस्पताल धमतरी। उन्होंने अपनी जन सेवा और व्यक्तिगत व्यस्तता को दरकिनार कर रक्तदान को पहली प्राथमिकता दी। सन 1996 से शासकीय कॉलेज म्युनिसिपल स्कूल बिल्डिंग के अपने प्रोफेसर्स से प्रेरित होकर रक्तदान करते आ रहे पार्षद श्री गोस्वामी ने विगत 30 वर्षों से अब तक करीब 60 लोगों को रक्तदान किया है। इस महादान की खासियत यह है कि उन्होंने जिस किसी को रक्तदान किया उसका पूरा ब्यौरा रखा और उस परिवार को प्रेरित करते रहे कि ब्लड बैंक में ब्लड तब तक रहेगा जब तक प्रत्येक व्यक्ति समय-समय पर महादान करता रहे।आज भी उनके पास उन लगभग लोगों की जानकारी है जिनको उन्होंने रक्तदान कर रक्तदान के लिए प्रेरणा भी दी। उनसे विभिन्न संस्थाओं ने संपर्क किया और कहा कि आपके निस्वार्थ महादान के लिए आपको सम्मानित किया जाना है तो उन्होंने ऐसे सम्मान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने रक्तदान किसी प्रचार के लिए नहीं बल्कि जनमानस की जान सुरक्षित करने के लिए किया था, और वे इस बात से संतुष्ट है कि उनसे प्रेरित लोगों ने भी रक्तदान का सिलसिला जारी रखा है, इसलिए सभी अवार्ड उनके प्रयास से बढ़ी रक्तदाताओं की संख्या से बड़ी नहीं हो सकती। रक्तदान के दौरान जिला अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मिलकर कहा कि यदि आप अब तक के सभी रक्तदान का ब्यौरा देंगे तो आपको भी सम्मानित किया जाएगा, इस पर उन्होंने कहा कि आज मैं प्रत्येक विपरीत परिस्थिति में भी सुखी,संतोषी और स्वस्थ हूं, तो इससे बड़ा ईश्वरीय अवार्ड क्या हो सकता है। यह बात भी ठीक है कि लोगों में जागृति लाने के लिए थोड़ा प्रचार प्रसार आवश्यक है तो वह काम भी मैं अपने व्यक्तिगत स्तर पर कर देता हूं और मुझे लगता है कि अब तक मैं 100 से अधिक लोगों को रक्तदान के डर से बाहर निकाल कर महादान से जोड़ दिया है। उन्होंने रक्तदान की आवश्यकता वाले लोगों से अपील की है कि आप भी इस अनुकरणीय पहल से जुड़कर रक्तदान के कर्ज से विमुक्त होकर महादान से जुड़ सकते हैं बस ऐसे ही जुड़ते जाइए और लोगों की सांसों को जिंदगी से जोड़ते जाइए।
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› थैलेसीमिया पीड़ित किशोर को पार्षद तल्लीनपुरी गोस्वामी ने किया महादान.....कहा -रक्तदान से आत्मिक सुख मिलता है......
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