गोल्डी खान/धमतरी शाम ढलने के बाद शराब के शौकीनों की तादाद में अचानक से वृद्धि हो जाती है शहर के साथ गली मोहल्लों ग्रामीण इलाको में इसके चाहने वाले नजर आते है यही वजह है कि अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए आबकारी अमले के साथ पुलिस विभाग भी हमेशा मुस्तैद नजर आता है बल्कि रोजाना ही समूचे जिले भर में ऐसे चार पांच केस दर्ज भी होते है जो शराब पीने पिलाने से जुड़े रहते है चूंकि यहां पर शराब का जिक्र हो रहा है तो खास अवसरों पर इसके शौकीन इसे खास तवज्जो भी देते है और इसका भरपूर आनंद लेते है जैसे अभी नववर्ष की बात ही ले ली जाए जब नववर्ष के महज एक ही दिन में समूचे जिले भर में करीब डेढ़ करोड़ की शराब बिकी है जैसा कि आबकारी विभाग का आंकड़ा है मगर माना जाए तो विभाग के लिए यह आंकड़ा कुछ खास नहीं है जिनका मानना है कि इतनी शराब तो अक्सर ही विभिन्न अवसरों में बिक ही जाती है हालांकि मगर यह अच्छी बात भी मानी जा रही कि नए वर्ष में ज्यादा शराब नहीं बिकी तो इसका असर भी नव वर्ष के स्वागत और उत्सव में नजर नहीं आया और इसकी वजह से समूचे जिले भर से कही ज्यादा हुड़दंग की खबरें भी नहीं आई अन्यथा नशे के चक्कर में जिले की हालत कितनी बिगड़ती जा रही है यह बात भी किसी से छिपी नहीं है