गोल्डी खान/धमतरी एक तरफ जहां संविधान दिवस पर कांग्रेस भाजपा को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की बात कह रही थी वहीं कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष को पूर्व उपाध्यक्ष ने ही घेर लिया बल्कि उन पर टिकट बेचने के गंभीर आरोप भी लगाए हालांकि जिलाध्यक्ष ने आरोपों को निराधार बताया और आरोप लगाने वाले पूर्व उपाध्यक्ष को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है इस दौरान कांग्रेस भवन यानी राजीव भवन में भारी गहमागहमी का माहौल बन गया था ज्ञात हो कि बुधवार को संविधान दिवस के अवसर पर धमतरी में कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट का नगर आगमन हुआ उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत तमाम रायपुर समेत आसपास के जिलों के कांग्रेस के नेता भी पहुंचे थे इस दौरान प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने भाजपा को घेरते हुए कहां कि भाजपा घुसपैठियों की बात कर सत्ता में रहना चाहती है जिसके लिए वह तमाम तरह के प्रयोग कर भी रही है मगर घुसपैठियों को कभी भाजपा ने सामने नहीं लाया और न ही उन्हें कभी बाहर किया है पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा जिस राज्य में चुनाव के अवसर रहते है वहां एसआईआर करवाया जा रहा है मगर घुसपैठियों को बेनकाब नहीं किया जा रहा जिसका प्रमाण बिहार चुनाव भी है उन्होंने कुछ ताजा मामलों के उदाहरण देते हुए प्रदेश सरकार को भी घेरते हुए कहा कि यहां कि पब्लिक अब भाजपा नेताओं को घेर रोक रही है देखना कुछ दिनों बाद भाजपा नेता गांव में दाखिल नहीं हो पायेंगे बहरहाल इन मामलों के विपरीत कांग्रेस भवन राजीव भवन के दरवाजे में पूर्व उपाध्यक्ष देवेंद्र अजमानी ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष शरद लोहाना पर गंभीर आरोप लगा दिए यहां तक उन पर टिकट बेचने का आरोप लगा दिया गया था जिसे लेकर मौके में काफी हंगामा भी हुआ बाद में मामला शांत हुआ और जिला अध्यक्ष शरद लोहाना ने आरोपों को निराधार बताते हुए उन पर भी विभिन्न तरह के आरोप लगाए पश्चात उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है हालांकि श्री अजमानी अपना इस्तीफा भी लेकर राजीव भवन पहुंचे थे
पत्रकारों को बाहर भगाओ क्या था पूरा मामला
कांग्रेस नेता सचिन पायलट भूपेश बघेल जब राजीव भवन के मंच पर पहुंचे तब काफी ज्यादा भीड़ हो गई थी पत्रकार भी करीब ही थे पश्चात कुछ लोग पत्रकारों को बाहर भगाओ भी बोलने लगे थे जब यह बात पत्रकारों के कानों तक पहुंची तो वह भड़क गए थे जिन्होंने जिला अध्यक्ष से इसकी मौखिक शिकयत भी की बाद में फिर माफी वगैरह भी हुई माइक में भी बोला गया कि भीड़ अपने मन से किसी को भी कुछ न बोले मगर पत्रकार नाराज हो गए थे जो लौटने भी लगे थे जिनका कहना था कि कांग्रेस पार्टी में नियंत्रण नाम की कोई चीज नहीं है कोई कुछ भी किसी को भी बोल रहा है हालांकि यह मामला आगे तुल भी पकड़ सकता था मगर पत्रकारों ने इसे नजर अंदाज किया।