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पुलिस की कार्रवाई से 18 साल बाद मची हलचल तीन गिरफ्तार....शिक्षाकर्मी भर्ती फर्जीवाड़े की फाइल से धूल हो रही साफ....

गोल्डी खान/धमतरी शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाले को लगभग सभी लोग भूल गए थे मगर मामले से जुड़े तीन लोगों की गिरफ्तारी ने फिर से इसकी याद ताजा कर दी है और लोगो के दिलो  दिमाग को करीब 18 साल पीछे घुमा दिया है  करीब 18 साल पहले धमतरी में इस चर्चित मामले की गूंज चारों ओर सुनाई दी थी जब पात्र  को अपात्र बनाने का यहां खेल चला था उस वक्त साल 2007 में यह मामला मगरलोड जनपद से भी सामने आया था जब  शिक्षाकर्मी वर्ग 03  भर्ती के दौरान यह घोटाला  हुआ था इस मामले में फर्जी प्रमाण पत्र और अंक तालिका में खुलकर हेरफेर किया गया था और ढेर सारे अपात्र  लोगो को सरकारी नौकरी के लिए चुन लिया गया था खास बात यह आरोप अभ्यर्थियों के साथ चयन समिति के जिम्मेदार और ओहदेदारों पर भी लगा था बल्कि उन पर कार्रवाई भी हुई थी हालांकि शायद ही किसी ने सोचा होगा कि 18 साल के बाद  फिर से यह मामला ताजा हो जायेगा और फिर इसमें गिरफ्तारी होगी मगर ऐसा हुआ है और पुलिस ने इस मामले से जुड़े तीन लोगों को धारा 420 समेत विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है हालांकि जब यह मामला सामने आया था तब भी इस मामले में यह चर्चा थी कि इसके पीछे छिपे और भी लोगो के नाम सामने आ सकते है और अब भी जब यह तीन गिरफ्तारियां हुई है तब भी यही चर्चा है कि इन तीन नामों के बाद और भी बहुत से नाम सामने आ सकते है हालांकि यह तो पुलिस की कार्रवाई पर निर्भर करता है कि इस मामले से जुड़े और कौन प्रमुख लोगो को पुलिस बेनकाब करती है वैसे तो इस मामले में इस मामले से जुड़े लोगों की कमी नहीं है जिसकी भी फिर से खूब चर्चा हो रही है हालांकि मगर इसका आगे ही पता चल पायेगा कि इस मामले में पुलिस की निगाह में और कौन कौन है बहरहाल इतने लंबे अरसे के बाद जिन तीन लोगों को पुलिस ने पकड़ा है उनका नाम एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने इस मामले के खुलासे के दौरान यह नाम बताया है जो कि इस प्रकार है ईशु कुमार  सीताराम और कोमल सिंह जो मगरलोड क्षेत्र के ही आसपास के रहने वाले है जिन पर कार्रवाई की जा रही है
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